एनसोरेंस की हकीकत
हम सब जब हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से इंसोरेंस करवाते है तो निस चिंत हो जाती है की अब हम या हमारी फैमली कभी बीमार और अप्रेसन करवाना होगा तो हमे टेंसन नहीं पर सच यह नही है अगर आप अपनी बिमारी की दवा उस हॉस्पिटल में करवाते जिनसे उन कंपनी का टा आई आफ होता है तो तब तो कुछ हद तक ठीक है पर अगर आप अपनी पसंद की हॉस्पिटल में दवा कराते है तो अगर 5 लाख का इंसोरेंस है तो जब आप उस कंपनी के पी छे घूमेंगे तो जा के 100 बहाने बना के बिल सबमिट करने के बाद 60 से 70 दिन बाद जा के अपको 50 हजार रूपए देगी कंपनी ऐसे ही एक इंसान की कहानी जो 5 साल तक इंसोरेंस को पैसा दिया और जब जरूरत हुई तो उनको अपनी 10 लाख की जमीन 4 लाख में बेचना पड़ा क्यों की हॉस्पिटल को तुरत पैसा देना पड़ा और जब उसने एंसो रेंस को बिल सबमिट किया तो जाकर 45 हजार उसको मिला जबकि उसके इलाज में 5 लाख लगा पर इंसो रेंस वाले 100 बहाना बनए या हम आप कोर्ट जाए या भूल जाए यही विकल्प है इस लिए थोड़ा सोच समझ कर ही ऐंसो रेंस करवाए खुद जागरूक बने और दूसरो को जागरूक करे
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